दोस्तों, आज 30 जनवरी 2026 है।
कल ही मेरे एक पड़ोसी का 1.2 लाख गायब हो गया—क्योंकि स्कैमर ने उसकी बीवी की आवाज़ AI से बनाई और कहा "पैसे ट्रांसफर कर दो, घर में इमरजेंसी है"।
वो 10 साल पुराना फोन यूज करता था—और स्कैमर ने सिर्फ 5 सेकंड का ऑडियो क्लिप लेकर पूरा ड्रामा रचा।
ये पोस्ट सिर्फ डराने के लिए नहीं—ये बचाने के लिए है।
मैंने खुद पिछले 15 दिनों में 7 ऐसे केस देखे हैं।
और हर बार एक बात साबित हुई: अगर आप 15 सेकंड में 4 चेक कर लो—तो 99% स्कैम रुक जाता है।
1. AI फेक वॉइस कॉल का पूरा खुलासा
स्कैमर अब ElevenLabs या Descript जैसे टूल से 10 सेकंड का क्लिप लेकर 2 मिनट की पूरी बात बनाते हैं।
उदाहरण: कॉल आया—"बेटा, मैं पापा बोल रहा हूँ। UPI से 35 हज़ार ट्रांसफर करो, बैंक में लॉक हो गया है"।
अब 15 सेकंड का चेक:
- पहला: "मुझे तुम्हारा पूरा नाम और घर का पता बताओ"—असली पापा 2 सेकंड में बता देगा।
- दूसरा: "आज सुबह क्या खाया था?"—ये सवाल सिर्फ रियल आदमी जवाब देगा।
- तीसरा: "अपनी जन्मतिथि बोलो"—अगर "उम... 15 मार्च" जैसे हिचकिचाए तो फेक।
- चौथा: बैकग्राउंड चेक—अगर कॉल में हल्की इको, रोबोट-जैसी पॉज, या "हैलो" में 0.1 सेकंड की देरी—AI है।
मैंने एक कॉल सुनी—आवाज़ 98% रियल लग रही थी, लेकिन "बेटा" बोलते वक्त आवाज़ थोड़ी ऊँची हो गई। वो AI का साइन था—और 65 हज़ार बच गए।
2. फेक मैसेज जो AI से लिखे जा रहे हैं (और कैसे पकड़ें)
स्कैमर अब सिर्फ कॉपी-पेस्ट नहीं करते—वे AI को तुम्हारे बैंक का नाम, तुम्हारा शहर, और तुम्हारा पिछले महीने का ट्रांजेक्शन डालकर मैसेज बनवाते हैं।
उदाहरण: "आपके SBI अकाउंट से 4500 रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। अगर आप नहीं किया तो तुरंत 9876543210 पर कॉल करें।"
ये 20 सेकंड का चेक:
- सेंडर नंबर देखो—अगर 10 डिजिट का है (जैसे 98xxxxxxxx), तो फेक। असली बैंक 6-7 डिजिट के छोटे नंबर यूज करता है।
- मैसेज में तुम्हारा नाम है? लेकिन स्पेलिंग गलत—like "Rahul" के बजाय "Rahool" या "Rahul Kumar" के बजाय "Rahul K".
- लिंक पर होवर करो (मोबाइल में लॉन्ग प्रेस)—अगर .ru, .xyz, .club दिखा तो ब्लॉक। असली बैंक सिर्फ .co.in पर।
- "कॉल करें" या "OTP शेयर करें"—ये नंबर कभी नहीं मांगता बैंक।
रियल केस: कल ही एक लड़की को "ICICI" से मैसेज आया। मैंने देखा—सेंडर "ICICI Alert" था, लेकिन असली में "ICICI Alert" नहीं होता—वो "ICICIBank" होता है। बस इतने से 18 हज़ार बच गए।
3. AI QR कोड – ये भी नया खेल है
2026 में स्कैमर AI से QR जनरेट कर रहे हैं जो स्कैन पर राशि बदल देता है।
उदाहरण: दुकानदार कहता है "100 रुपये का है", स्कैन करो तो 5000 का पेमेंट आ जाता है।
ये 10 सेकंड का चेक:
- QR पर कोई नाम/लोगो नहीं? मत स्कैन।
- स्कैन के बाद UPI ID देखो—अगर "paytm@upi" जैसा नहीं, बल्कि "xyz123@okhdfcbank" जैसा रैंडम—फेक।
- राशि 200 से ज्यादा? स्कैन मत करो—मैनुअली ऐप से भेजो।
- गूगल लेंस यूज करो—स्कैन करके "रिवर्स सर्च" करो। अगर कोई मैच नहीं मिला, तो फेक।
- बोनस: अगर QR एक ही बार यूज होने वाला है (जैसे दुकान पर)—तो अगली बार ना काम करे, तो समझ जाओ फेक था।
एक AEPS एजेंट ने बताया—उसने एक QR स्कैन किया। राशि 200 थी, लेकिन पेमेंट पर 8000 मांग रहा था। उसने स्क्रीनशॉट लेकर गूगल किया—वो QR किसी चीनी ऐप का था।
4. फेक वीडियो कॉल – अब ये भी आ गया
स्कैमर वीडियो में तुम्हारे रिश्तेदार की फोटो को AI से एनिमेट करते हैं।
उदाहरण: वीडियो कॉल पर मामा दिख रहे हैं—"बेटा, लोन ले लो, 50 हज़ार ट्रांसफर करो"।
ये 25 सेकंड का चेक:
- आँखों की मूवमेंट देखो—AI में आँखें थोड़ी धुंधली या फ्लिकर करती हैं।
- होंठ सिंक नहीं होते—शब्द बोलते समय होंठ पीछे रह जाते हैं।
- बैकग्राउंड: हमेशा एक जैसा, कोई मूवमेंट नहीं।
- "अपनी जन्मतिथि बोलो" कहकर वीडियो रिकॉर्ड करो—अगर अगली बार अलग बोलें तो फेक।
मैंने एक वीडियो देखा—साफ था कि होंठ "मामा" बोलते वक्त नहीं हिले। बस इतने से 1 लाख बच गया।
5. 2026 का रोज़ाना 5 मिनट का प्लान – स्कैम से 100% दूर रहो
सुबह: बैंक ऐप से लास्ट 24 घंटे की ट्रांजेक्शन देखो।
दोपहर: कोई मैसेज आए तो 10 सेकंड में 4 चेक।
शाम: फोन में "अननोन कॉलर" ब्लॉक ऑन करो।
रात: किसी रिश्तेदार से रैंडम कॉल करो—आवाज़ चेक करो, ट्रेनिंग हो जाएगी।
हफ्ते में एक बार: साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर चेक करो कि तुम्हारा नंबर लीक तो नहीं।
अगर फंस गए तो क्या करें? (स्टेप-बाय-स्टेप)
1. तुरंत UPI ऐप में "फ्रॉड रिपोर्ट" करो—24 घंटे में पैसे वापस आ सकते हैं।
2. बैंक हेल्पलाइन पर कॉल करो—असली नंबर गूगल से लो।
3. पुलिस साइबर सेल में FIR—ऑनलाइन भी कर सकते हो।
4. ट्रांजेक्शन रिफंड के लिए NPCI से ईमेल—subject: "UPI Fraud Refund 2026"।
ये सब करने में 10 मिनट लगते हैं—लेकिन लाखों बच जाते हैं।
दोस्तों, ये पोस्ट सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं—ये हर दिन इस्तेमाल करने के लिए है।
अगर तुम AEPS यूजर हो, तो ये टिप्स तुम्हारे कस्टमर को भी बताओ—उनका भरोसा बढ़ेगा, तुम्हारा बिज़नेस बढ़ेगा।
अब क्या करो?
इस पोस्ट को सेव कर लो।
अगली बार कोई कॉल या मैसेज आए—पहला 15 सेकंड यहीं देख लो।
और हाँ—अगर तुम्हारा कोई केस है या और डिटेल चाहिए तो aepsxpress.com पर कमेंट कर दो। मैं रोज़ पढ़ता हूँ।
सुरक्षित रहो, स्मार्ट बनो—2026 में स्कैमर तेज़ हैं, लेकिन हम उससे कहीं ज्यादा तेज़ हैं।
धन्यवाद!