नमस्ते दोस्तों!
2026 का साल शुरू हुआ है, और अब स्कैमर सिर्फ पुराने तरीके नहीं—वे AI का पूरा फायदा उठा रहे हैं।
फेक मैसेज, माँ-पापा की आवाज़ वाली कॉल्स, AI से बने QR कोड—ये सब अब आम हो गया है।
मैंने पिछले हफ्ते एक दोस्त की 80 हज़ार रुपए की साइट को बचाया, सिर्फ इसलिए क्योंकि मैंने 4-5 छोटे चेक किए।
ये पोस्ट वो पूरा तरीका बताता है—कैसे स्कैमर AI का इस्तेमाल कर रहे हैं, और आप हर बार उनसे आगे रह सकते हो।
करीब 2000 शब्दों का ये गाइड है—पढ़ो, सेव करो, और हर दिन इस्तेमाल करो।
**पहला हिस्सा: AI फेक मैसेज कैसे बनाते हैं और पहचानें**
स्कैमर अब ChatGPT या इसी तरह के टूल से मैसेज लिखवाते हैं—और वो इतने सही लगते हैं कि बैंक का मैसेज समझ में आ जाए।
उदाहरण: "आपका HDFC अकाउंट सस्पेंड हो रहा है। तुरंत लिंक पर क्लिक करें और KYC अपडेट करें।"
अब 5 पॉइंट्स से चेक करो:
1. सेंडर नंबर: असली बैंक 10 डिजिट का नहीं—ज्यादातर 6-7 डिजिट का होता है। जैसे 5901 से शुरू।
2. टाइपो चेक: "अकाउंट" के बजाय "akkount" या "apna" जैसे गलत शब्द।
3. डराने वाली भाषा: "अभी नहीं किया तो ब्लॉक हो जाएगा" —बैंक कभी ऐसा नहीं कहता।
4. लिंक का नाम: असली बैंक का लिंक हमेशा .co.in या .in पर खत्म होता है। अगर .top, .xyz, या .club है—फेक।
5. टाइमिंग: रात 10 बजे से सुबह 7 बजे के बीच मैसेज आया? बैंक का नंबर नहीं होता।
रियल केस: एक दोस्त को "SBI" से मैसेज आया—"KYC अपडेट करें"। लिंक पर क्लिक करते ही फिशिंग पेज खुला। मैंने बताया: "बैंक ऐप से चेक करो"—वहाँ कुछ नहीं था। बच गए 25 हज़ार।
**दूसरा हिस्सा: डीपफेक वॉइस कॉल – सबसे बड़ा खतरा**
अब स्कैमर तुम्हारी आवाज़ का 10 सेकंड का क्लिप लेकर AI से पूरी बात बनाते हैं।
उदाहरण: "बेटा, मैं हूँ। बैंक में पैसे फंस गए हैं, 20 हज़ार ट्रांसफर कर दो।"
ये 4 आसान चेक:
1. पहला सवाल: "मुझे तुम्हारा पूरा नाम बताओ" —अगर "बेटा" कहकर टाल दिया तो फेक।
2. जन्मतिथि या पता पूछो: असली माँ-पापा तुरंत बता देते हैं।
3. बैकग्राउंड साउंड: कॉल में इको या रोबोट जैसी आवाज़ हो रही है? AI की पहचान।
4. वीडियो कॉल डिमांड करो: अगर मना कर दे या "नेट नहीं है" कहे—बंद कर दो।
प्रैक्टिस तरीका: आज ही किसी दोस्त से वॉइस कॉल करो। कॉल रिकॉर्ड करके AI टूल से चेक करो—देखो कैसा फर्क लगता है।
मैंने आज एक कॉल सुनी—आवाज़ 99% रियल, लेकिन "हैलो" में 0.2 सेकंड की देरी थी—वो AI का साइन था।
**तीसरा हिस्सा: AI QR कोड – 2026 का नया ट्रेंड**
अब QR स्कैन करते ही स्कैमर का UPI खुल जाता है, और राशि दुगुनी हो जाती है।
उदाहरण: 100 रुपये का QR दिखाया, लेकिन स्कैन करने पर 5000 मांग रहा था।
ये 5 स्टेप्स से बचो:
1. QR पर नाम चेक करो: अगर सिर्फ कोड है—मत स्कैन करो।
2. स्कैन के बाद मर्चेंट नाम "UPI ID" या "PhonePe" जैसा होना चाहिए।
3. राशि 500 से ज्यादा? बैंक ऐप से मैनुअल ट्रांसफर करो—QR मत यूज करो।
4. QR की तारीख चेक करो: पुराना QR (2 दिन से ज्यादा) मत यूज करो।
5. गूगल पर सर्च: "ये QR किसका है"—अगर कोई मैच नहीं—फेक।
एक AEPS एजेंट ने आज बताया—उसने एक कस्टमर का QR स्कैन किया। राशि 1000 थी, लेकिन पेमेंट गेटवे पर 10,000 आ गई। उसने तुरंत कैंसल किया।
**चौथा हिस्सा: अगर फंस गए तो क्या करें**
1. तुरंत बैंक ऐप से लेन-देन रोक दो।
2. कस्टमर केयर पर कॉल करो (असली नंबर से—गूगल करो)।
3. पुलिस साइबर सेल में रिपोर्ट करो—सिर्फ 5 मिनट लगते हैं।
4. UPI ऐप में "फ्रॉड रिपोर्ट" ऑप्शन यूज करो—पैसे 48 घंटे में वापस आ सकते हैं।
**पांचवा हिस्सा: रोज़ाना का प्लान – 2026 में सुरक्षित रहने का तरीका**
- सुबह: बैंक ऐप से आखिरी 3 दिन की ट्रांजेक्शन चेक करो।
- दोपहर: कोई मैसेज आए तो 10 सेकंड रुक जाओ।
- शाम: 1-2 मिनट में फोन की सेटिंग्स चेक—अज्ञात ऐप्स बंद करो।
- हफ्ते में एक बार: किसी रिलेटिव से वॉइस कॉल रिकॉर्ड करके AI चेक करो—ट्रेनिंग हो जाएगी।
ये सब करने में दिन के 10 मिनट लगते हैं—लेकिन लाखों बचा सकते हो।
मैंने देखा है—जो लोग ये फॉलो करते हैं, उनका कोई फ्रॉड नहीं होता।
अगर तुम AEPS एजेंट हो, तो ये टिप्स एक्स्ट्रा जरूरी हैं—क्योंकि कस्टमर तुम्हारे पास आता है, और स्कैम तुम्हारे नाम पर हो सकता है।
अब क्या करो?
इस पोस्ट को फोन में सेव कर लो।
अगली बार कोई कॉल या मैसेज आए—पहला 30 सेकंड यहीं देख लो।
और हाँ—अगर और डिटेल चाहिए, या तुम्हारा कोई केस है तो aepsxpress.com पर कमेंट करो। मैं हर दिन चेक करता हूँ।
सुरक्षित रहो, स्मार्ट बनो—2026 में स्कैमर तेज़ हैं, लेकिन हम उससे ज्यादा तेज़ होंगे।
धन्यवाद!